Sunday, February 27, 2011

Kuch haseen yaadien

१२ जून सन २००९ हमेशा की तरह रात को ११:३० बजे मैं library से वापस आया और सबसे पहले आते ही "डब्बा " खोला और Gtalk के खुलते ही मेरी नजरे किसी को ढूँढने लगी ...पर आज वो online नहीं आई थी .......हैरान परेशान मैंने अपना mobile और emails देखे कि कहीं कोई संदेसा तो नहीं छोडा हैं उसने .....पर उसका कोई mail नहीं आया था.
पिछले दो महीने में ऐसा कोई दिन नहीं गया जब हमने बात न कि हो .....पर आज न तो उसका मोबाइल लग रहा था और न ही वो online थी ........आज भी याद हैं मुझे १२ अप्रैल सन २००९ शाम के कुछ सात बजे होंगे अचानक से Gtalk पर Buzz होता हैं
tani ji:thr?
me:hmmm
tani ji: aacha
(status mesaage) DND
me: aapne status msg to DND lagay hain aur mujhse baat kar rahi ho
tani ji: mere pass kuch aur bhi hain aapke liye .....1 min
me:k
tani ji :tujhme rab dikhta hian yaara main karu

यह सब पढ़कर तो जैसे मेरे हाथ कापने लगे मैं अचानक से स्तब्ध हो गया
फिर से buzz हुआ
tani ji:r u thr?
मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था मैं क्या कहूं .......शायद यह था उसके प्यार का इकरार .यह जवाब था मेरे उस प्रेम प्रस्ताव का जो मैंने उससे १० दिन पहले दिया था
मुझे तो विशवास ही नहीं हो रहा था कि उसने मेरा प्यार स्वीकार कर लिया हैं ..........यह थी एक iitian के प्यार की शुरुवात
तभी सहसा रात को Gtalk पर किसी का ping सुनाई दिया ज्यूँ ही मैंने पलट के देखा
tani ji: jaan thr ?

Sunday, February 20, 2011

आपके चेहरे ने देखने को मजबूर किया है
बातों ने आपकी सुनने को जरूर किया है
पर कैसी अदा है आपकी जो मजबूर भी रहने नहीं देती
चेहरा तो दिखा जाती हो स्वप्न में पर आवाज़ तो बिन मोबाइल के सुनाई नहीं देती||
दिल के आंसुओ की श्याही से पैगाम लिखता हूँ
और पैगाम में सिर्फ आपका नाम लिखता हूँ
याद किया करती थी जो हार रात मुझे
अब उनकी इस बेरुखी को सरेआम लिखता हूँ ||
मचलती आँखों को खोज थी जिस चेहरे की
सूने कानो ने खायिश की थी जिसकी
मिल गयी है वो खुदा का करम है
फिर मिल कर भी मिलने में उन्हें क्यूँ आती शर्म हैं ||
थामना चाहता हूँ उनका हाथ सारी ज़िन्दगी के लिए
चाहता हूँ उनका चेहरा बन्दिगी के लिए
पर वो है जो इजहारे इश्क से शर्माती है
हम तो है गुलाम उनके फिर भी क्यूँ वो हुक्म देने से घबराती हैं ||

हर लव्ज लिखने से पहले नाम आपका आता है
हर दुआ से पहले ख्याल आपका आता है
फिर भी आपको पाने की मशक्कत की इन्तह नहीं है
क्यूंकि आपके सिवा मेरे दिल में किसी और क लिए पनाह नहीं है ||