Mera Man
Sunday, February 20, 2011
दिल के आंसुओ की श्याही से पैगाम लिखता हूँ
और पैगाम में सिर्फ आपका नाम लिखता हूँ
याद किया करती थी जो हार रात मुझे
अब उनकी इस बेरुखी को सरेआम लिखता हूँ ||
1 comment:
Anonymous
February 28, 2011 at 6:48 AM
"अब उनकी इस बेरुखी को सरेआम लिखता हूँ"
शुभकामनाएं
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"अब उनकी इस बेरुखी को सरेआम लिखता हूँ"
ReplyDeleteशुभकामनाएं