क्या है जिंदगी ,बस दो पन्नो की कहानी
एक पन्ने में तू ,दूजे में कोई सूरत अनजानी
उस तरफ थी खुशियाँ ,इस तरफ छाई है हैरानी
कंधे है बहुत ,पर नहीं कोई उन हाथों का सानी
जिनके बल पर ,हमने की थी किस्मत से मनमानी
यारो कोई तो बता दो , हो गयी हमसे ऐसी क्या नादानी
जो हाथ तो छोड़ चुके थे पहले,पर अब तो तुमने कर दी यादें पुरानी
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