Wednesday, October 18, 2017

डोनट वाली हैप्पी दिवाली

अक्सर भूल जाता हूँ कि त्यौहार क्या होता है
मौकों पर मिलने वाला उपहार क्या होता है |
फिर देखता हूँ सोशल चिड़िया कुछ तो चहचहा रही है
फोन की घंटी भी बड़ा टन टना रही है |
व्हाट्सप्प पर संदेसो की कुछ बाढ़ सी आयी है 
भीनी ही सही, पर यादो में कुछ मिठास सी आयी है |
शायद मिठास ये कुछ डोनट वाली है
खील-बताशे के बिना ही मन रही ये दिवाली है ||

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